Friday, 29 March 2019

निर्भरता

निर्भरता शब्द-'एक ऐसा शब्द है जो दूसरों के सहारे से सभी कार्यों को पूर्ण करता है'अर्थात् 'किसी पर निर्भर रहना'. कोई भी व्यक्ति अगर अपने किसी भी कार्य के लिए दूसरों पर निर्भर है किसी के सहारे के बिना कोई काम पूरा नहीं कर सकता, उसे निर्भरता कहा जा सकता है.

    हमारे आसपास की दुनिया में 17वीं 19वीं शताब्दी के लोगों का दूसरों पर निर्भर रहना साधारण-सी बात थी, पर आज का समय दूसरों का सहारा लेना नहीं बल्कि दूसरों को सहारा देने का है. निर्भर शब्द-सहारा, सहयोग, मदद करना इनके लिए प्रयोग होता है. अधिकतर समाज द्वारा ही किसी- न-किसी के लिए सीधे या घुमाकर कहा जाता है कि यह व्यक्ति बिना सहारे के कोई भी काम नहीं कर सकता हर किसी पर अपने काम को पूरा करने के लिए निर्भर रहता है तो आपकी नजरों में आज के समय में किसे निर्भर व्यक्ति कहा जाता है? आज के समय में क्या किसी पर निर्भर रहा जा सकता है?

   नहीं

आज का समय किसी पर निर्भर रहने का ही नहीं है.बल्कि किसी व्यक्ति, दोस्त यहां तक कि किसी रिश्तेदार पर भरोसा करने का भी नहीं है. हां आज के समय में किसी परिवार वाले व्यक्ति पर भी आंख बंद करके कोई भरोसा नहीं कर सकता. क्योंकि आज के समय में भरोसा शब्द केवल शब्द है. यह केवल कहने का है, तो निर्भर रहने की बात तो भूल जाइए.

आज के समय में भरोसा करने के लिए भी कहा जाता है.

            'भरोसे पर दुनिया कायम है'

           ' भरोसा कीजिए,आंख मूंदिए'

कहावतों का क्या कहना है इनमें तो सीधी बाद भी टेढ़ी हो जाती है .जहां एक तरफ कहा जाता है. 'भरोसे पर दुनिया कायम है' वहीं दूसरी कहावत में कहा जाता है 'भरोसा कीजिए आंख मूंदिए' जिसका सीधा-सीधा अर्थ है भरोसा करो तो आंखें बंद कर लो क्योंकि गलती कभी भी हो सकती है, निर्भर रहना गलत है. अपना काम स्वयं करना चाहिए. महिला शक्ति की जानें तो एक महिला पर पूरा परिवार निर्भर रहता है वहीं परिवार में सूक्ष्म से लेकर दीर्घ कार्य पूरी करती है. इसलिए साफ शब्दों में कहा जा सकता है- कि महिलाएं हम पर नहीं बल्कि हम उन पर निर्भर रहते हैं. इसलिए एक व्यक्ति को निर्भर भी उसी पर रहना चाहिए, जिसे वह व्यवहार, विचार, सदाचार से जानता हो. व्यक्ति के लिए सफलता और खुशी एक दूसरे पर आश्रित है क्योंकि सफलता हमारे जीवन में आनंद लेकर आती है और जब हम खुश होते हैं तभी सफलता प्राप्त करते हैं, लेकिन खुश रहने के लिए सफलता पर निर्भर रहना सही नहीं है किसी पर निर्भर रहने के स्थान पर आत्मनिर्भर रहना चाहिए. आत्मनिर्भरता का अर्थ है- स्वावलम्बन आत्मनिर्भरता से यह अर्थ है स्वावलंबन  इसका यह अर्थ बिल्कुल भी नहीं है कि प्रत्येक कार्य स्वयं ही करें. आत्मनिर्भर व्यक्ति का सभी जगह सम्मान किया जाता है. इसलिए हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम आत्मनिर्भर बनें. जिससे हमें किसी पर भी निर्भर ना रहना पड़े. क्योंकि आज के समय में एक लड़की भी आत्मनिर्भरता से भरी होती है. क्योंकि उनके द्वारा भी आत्मनिर्भर बनने का प्रयास किया जाता है. जब हम आत्मनिर्भर बनेंगे तब हम खुद को निर्भर व्यक्ति से दूर पाएंगे. तभी हम एक साक्षर व्यक्ति कहलाएंगे क्योंकि साक्षर व्यक्ति कभी भी किसी पर निर्भर नहीं रहता, अपितु दूसरों को सहारा देने की सोचता है. इसलिए हमें भी स्वयं को कुछ ऐसा बनाना चाहिए. जिससे हम दूसरों को सहारा दें न कि दूसरों के सहारे से चलें. तभी हम आत्मनिर्भर व्यक्ति कहला पाएंगे.

Riya tomar

Gyanarthi media college

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